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पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
I. पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ कमर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ निवारण और जोड़ों को तानते हà¥à¤ तथा माà¤à¤¸à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाते हà¥à¤ डिलिवरी के लिठशारीरिक और मानसिक तैयारी बढ़ाना है।
II. पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के लिठदिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶
सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ रूप से साà¤à¤¸ लें, अपनी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° धीरे-धीरे काम करें।
दिन में दो या तीन बार वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें और हर सतà¥à¤° में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के सेट को दस बार दोहराà¤à¤à¥¤
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® तब शà¥à¤°à¥‚ किया जा सकता है जब गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ 16 से 20 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक पहà¥à¤à¤šà¥‡à¥¤
फ़िज़ियोथेरेपिसà¥à¤Ÿ आपकी शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® में संशोधन कर सकते हैं।
नोट: यह पतà¥à¤°à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® का केवल संकà¥à¤·à¤¿à¤ªà¥à¤¤ परिचय है।
III. पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के पà¥à¤°à¤•ार
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ तल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर अपनी पीठको पीछे टिका कर बैठें।
योनि, मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— और गà¥à¤¦à¤¾ की माà¤à¤¸à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को कसें मानो पेशाब या शौच रोकने की कोशिश की जा रही हो। इस वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® को आप खड़े रह कर à¤à¥€ कर सकते हैं।
शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ तल वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ तल की माà¤à¤¸à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का नियंतà¥à¤°à¤£ और सहारा बढ़ाता है। यह आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ की तैयारी में मदद करता है और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का आगे बढ़ना, मूतà¥à¤° असंयम और बवासीर को रोकता है।
पीठऔर पेट के वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर अपनी पीठको पीछे टिका कर बैठें।
सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से साà¤à¤¸ लें।
पेट को कसें और फिर सीट के पिछले हिसà¥à¤¸à¥‡ में अपने कमर के निचले à¤à¤¾à¤— को समतल करने के लिठशà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ को नीचे की ओर दबाà¤à¤à¥¤ 5 सेकंड तक इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बने रहें, और फिर ढीला छोड़ें।
यह वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® आपको कमर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ और शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में मदद करता है। यह आपके पेट की माà¤à¤¸à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाता है और पीठदरà¥à¤¦ से बचाता है।
नोट: दैनिक गतिविधियों में अचà¥à¤›à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
टखने का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर अपनी पीठको पीछे टिका कर बैठें।
à¤à¤• टखने से शà¥à¤°à¥‚आत करें तथा पैर को ऊपर और नीचे घà¥à¤®à¤¾à¤à¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• ऊपर-और-नीचे का चलन à¤à¤• बार के रूप में गिना जाता है। दस बार दोहराà¤à¤à¥¤
टखने को अंदरूनी और बाहरी चकà¥à¤° बनाते हà¥à¤ घà¥à¤®à¤¾à¤à¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• चकà¥à¤°à¥€à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¤• बार के रूप में गिना जाता है। दस बार दोहराà¤à¤à¥¤
दूसरे टखने से इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ चरणों को दोहराà¤à¤à¥¤
टखने का वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पैर की सूजन और वैरिकाज़ नस को कम करने में मदद करता है, इस पà¥à¤°à¤•ार पैर में à¤à¤‚ठन की समसà¥à¤¯à¤¾ कम होती है।
निचले अंगों को आराम पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¥‡ वाला वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
यह वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ जाà¤à¤˜à¥‹à¤‚ और कमर की माà¤à¤¸à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का लचीलापन और उसकी शकà¥à¤¤à¤¿ को बढ़ाता है। यह आपको डिलीवरी की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ का आदी बनाता है और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान जाà¤à¤˜ के à¤à¤‚ठन को रोकने में मदद करता है।
दीवार से सटी सà¥à¤¥à¤¿à¤° कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर बैठें और अपनी जाà¤à¤˜à¥‹à¤‚ को बग़ल की दिशा में फैलाà¤à¤à¥¤ 5 सेकंड तक इसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बने रहें और फिर ढीला छोड़ें।
नोट:
यह तंग जाà¤à¤˜à¥‹à¤‚ वाली गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ है।
जाà¤à¤˜à¥‹à¤‚ को विपरीत दिशा में न खींचे।
कृपया धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि यह वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जघन हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ से पीड़ित महिलाओं के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ नहीं है।
शà¥à¤µà¤¾à¤¸ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान दरà¥à¤¦ से राहत के लिठसाà¤à¤¸ लेने की तकनीक। साà¤à¤¸ अंदर लेने पहले साà¤à¤¸ बाहर छोड़ने का सà¥à¤à¤¾à¤µ दिया जाता है।
उदर शà¥à¤µà¤¸à¤¨
हलà¥à¤•े दरà¥à¤¦ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ है।
नाक से साà¤à¤¸ लें और पेट को फैलता हà¥à¤† महसूस करें। फिर मà¥à¤à¤¹ के ज़रिठसाà¤à¤¸ बाहर छोड़ें।
निचली पसली से शà¥à¤µà¤¸à¤¨
मधà¥à¤¯à¤® दरà¥à¤¦ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ है।
अपने हाथ निचली पसलियों के पंजर पर रखें। नाक से साà¤à¤¸ लें और अपने सीने में फैलाव महसूस करें। फिर हलà¥à¤•े से मà¥à¤à¤¹ के जरिठसाà¤à¤¸ बाहर छोड़ें।
अगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ शà¥à¤µà¤¸à¤¨
गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤
अपना मà¥à¤à¤¹ थोड़ा खà¥à¤²à¤¾ रखते हà¥à¤ हà¤à¤¸à¥à¤²à¥€ के नीचे अपने हाथों को कà¥à¤°à¥‰à¤¸ करें। नाक और मà¥à¤à¤¹ से साà¤à¤¸ लें। हलà¥à¤•े से साà¤à¤¸ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार बाहर छोड़ें मानो बिना बà¥à¤à¤¾à¤ मोमबतà¥à¤¤à¥€ की लौ को फड़फड़ाने की कोशिश कर रहे हों, और ऊपरी फेफड़ों को थोड़ा ऊपर और नीचे गतिशील होते हà¥à¤ महसूस करें।
* संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान, सà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें और अपने शà¥à¤µà¤¾à¤¸ पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखें।
* संकà¥à¤šà¤¨ के बीच सबसे आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जितना संà¤à¤µ हो सके उतना आराम करने और
सà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें।
दैनिक जीवन में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाली बातें
जब आप कोई वसà¥à¤¤à¥ उठाà¤à¤, तो अपनी जाà¤à¤˜ की माà¤à¤¸à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बल पर अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ मोड़ें और पेट की माà¤à¤¸à¤ªà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को कसते हà¥à¤ अपने कमर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को सीधा रखें, और फिर चीज़ उठाने के लिठअपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के जोड़ों को सीधा करें।
बिसà¥à¤¤à¤° में उठने के लिà¤, बिसà¥à¤¤à¤° के किनारे को दोनों पैरों से अंदर की ओर मोड़ते हà¥à¤ à¤à¤• तरफ़ पलटें, और फिर दोनों हाथ सीधे करते हà¥à¤ अपने शरीर को धकà¥à¤•ा दें।
बैठते या खड़े रहते समय, अपने पेट को कसें और अपनी पीठको सीधा रखें।
आपको फ़िज़ियोथेरेपी विà¤à¤¾à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आयोजित पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® ककà¥à¤·à¤¾ में शामिल होने की सलाह दी जाती है।
(यह पतà¥à¤°à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— और हांगकांग फ़िज़ियोथेरेपी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ तैयार किया गया है)
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